Leakage से लेकर Painful Sex तक: Midlife में Pelvic Floor पर खुली बातचीत

“Fabulous Over Forty” इवेंट में डॉ. अनुजा चंद्रना ने रजोनिवृत्ति के दौरान पेल्विक फ्लोर, leakage और painful sex पर जरूरी सलाह दी और बताया कि सही उपचार से राहत संभव है।

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Tamanna Soni
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Photograph: Image Via (SheThePeople)

मिडलाइफ, खासकर 40 के बाद, महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। मेनोपॉज़, हार्मोनल शिफ्ट और लाइफस्टाइल के कारण कुछ समस्याएँ धीरे-धीरे सामने आने लगती हैं। इन्हीं में से एक है पेल्विक फ्लोर से जुड़ी दिक्कतें। बेंगलुरु में आयोजित “Fabulous Over Forty” इवेंट में पेल्विक फ्लोर एक्सपर्ट डॉ. अनुजा चंद्रना ने इन मुद्दों पर खुलकर बात की। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि leakage, painful sex और bladder control जैसी समस्याएँ जितनी आम हैं, उतनी ही अनदेखी भी की जाती हैं।

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Leakage से लेकर Painful Sex तक: Midlife में Pelvic Floor पर खुली बातचीत

पेल्विक फ्लोर क्या है और क्यों जरूरी है

पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों का एक समूह है जो ब्लैडर, यूटेरस और रेक्टम को नीचे से सपोर्ट देता है। यह हमारे body balance, urination control और sexual health में अहम भूमिका निभाता है। डॉ. अनुजा के अनुसार, इसे अक्सर तब तक याद नहीं किया जाता जब तक कोई समस्या न हो जाए। प्रसव, बढ़ती उम्र, हार्मोनल बदलाव और लंबे समय तक बैठकर काम करना इन मांसपेशियों को कमजोर या tight बना सकता है।

Midlife में आम समस्याएँ

डॉ. अनुजा ने समझाया कि कई महिलाएँ हंसते, खांसते या दौड़ते समय हल्का urine leakage महसूस करती हैं और इसे “normal” मान लेती हैं। लेकिन यह pelvic floor weakness का संकेत हो सकता है। कई बार urgency इतनी तेज होती है कि washroom तक पहुँचने से पहले ही पेशाब निकल जाता है।

मेनोपॉज़ के बाद estrogen कम होने से vaginal dryness, irritation और painful sex जैसी परेशानियाँ बढ़ सकती हैं। इसे genitourinary syndrome भी कहा जाता है। यह केवल physical discomfort नहीं देता बल्कि emotional impact भी डालता है। जब दर्द जुड़ जाता है तो nervous system उसे याद रखता है, जिससे intimacy को लेकर डर और anxiety पैदा हो सकती है।

कुछ महिलाओं को bowel movement में दिक्कत, कब्ज या incomplete emptying का एहसास भी होता है। डॉ. अनुजा के अनुसार, यह सब pelvic floor coordination से जुड़ा है।

दर्दनाक सेक्स: एक अनकही सच्चाई

इवेंट में कई महिलाओं ने share किया कि painful sex उनकी relationship और self-confidence दोनों को प्रभावित कर रहा है। डॉ. अनुजा ने बताया कि dryness और muscle tightness इसके पीछे बड़ी वजह हो सकती है। कई बार muscles कमजोर नहीं बल्कि overactive होती हैं। ऐसे में केवल केगेल एक्सरसाइज करना सही समाधान नहीं होता।

उन्होंने कहा कि sexual wellness पर खुलकर बात करना जरूरी है, क्योंकि intimacy केवल physical नहीं बल्कि mental well-being से भी जुड़ी है।

क्या मदद करेगा?

डॉ. अनुजा का जोर इस बात पर था कि हर महिला का body pattern अलग होता है, इसलिए personalized assessment जरूरी है। pelvic floor therapy में breathing techniques, posture correction और muscle coordination exercises शामिल हो सकती हैं। सही तरीके से diaphragmatic breathing करने से pelvic floor पर सकारात्मक असर पड़ता है।

उन्होंने यह भी बताया कि self-care practices, जैसे gentle movement, relaxation techniques और जरूरत पड़ने पर medical guidance लेना, recovery में मदद कर सकता है। lubricant का सही इस्तेमाल और estrogen therapy जैसे विकल्प डॉक्टर की सलाह से अपनाए जा सकते हैं।

सबसे अहम बात, शर्म या संकोच छोड़कर help लेना जरूरी है। leakage या painful sex उम्र का “normal हिस्सा” नहीं है, बल्कि एक treatable condition है।

Fabulous Over Forty इवेंट में डॉ. अनुजा चंद्रना की बातचीत ने यह साफ किया कि pelvic floor health महिलाओं की overall quality of life से जुड़ी है। मिडलाइफ में आने वाले बदलावों को नजरअंदाज करने के बजाय समझना और समय रहते समाधान लेना जरूरी है। सही जानकारी, open conversation और expert support से leakage से लेकर painful sex तक की समस्याओं को manage किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण यह है कि महिलाएँ अपने शरीर की आवाज सुनें और यह समझें कि care लेना weakness नहीं, बल्कि self-respect और well-being का हिस्सा है।

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Bengaluru Care Midlife Sex Leakage