/hindi/media/media_files/2026/02/11/untitled-design-10-2026-02-11-13-48-24.jpg)
जब हम menopause की बात करते हैं, तो अक्सर इसे एक ऐसे दौर के रूप में देखा जाता है जिसे चुपचाप सह लेना है। लेकिन Japan में इस समय को बिल्कुल अलग नज़रिए से देखा जाता है। वहां इसे 'Konenki' कहते हैं - एक ऐसा शब्द जिसका मतलब है "नवीनीकरण के वर्ष" या "ऊर्जा का नया मौसम"। यह सिर्फ शब्दों का फर्क नहीं, बल्कि सोच का अंतर है जो Japanese महिलाओं के menopause अनुभव को पश्चिमी महिलाओं से काफी अलग बनाता है।
'The Renewal Years': Japan की Menopause Philosophy से सीखें
Konenki: सिर्फ Menopause नहीं, एक परिवर्तन
Japan में konenki का मतलब है नवीनीकरण, साल, और ऊर्जा का संयोजन। यह 40 की उम्र से शुरू होकर 60 तक चलता है - एक लंबा, धीरे-धीरे होने वाला बदलाव, जहां periods का बंद होना सिर्फ एक हिस्सा है। Japanese समाज में इस दौर को समझदारी और नए जीवन का समय माना जाता है, न कि जवानी के खत्म होने का संकेत। बुजुर्ग महिलाओं को समाज में सम्मान और महत्वपूर्ण भूमिका मिलती है, जो उन्हें भावनात्मक रूप से मजबूत रखता है।
खान-पान का कमाल:Soy और प्राकृतिक तत्व
Japanese महिलाओं के कम menopausal लक्षणों के पीछे सबसे बड़ा कारण है उनका पारंपरिक खान-पान। Soy उत्पाद जैसे tofu, natto, और soy milk में isoflavones होते हैं जो estrogen की तरह काम करते हैं। जब शरीर में estrogen का स्तर गिरता है, तो ये पौधों पर आधारित तत्व प्राकृतिक hormone संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा, seaweed, हरी सब्जियां, और fermented खाद्य पदार्थ भी hormonal स्वास्थ्य को सहारा देते हैं।
Queensland University के शोध में पाया गया कि phytoestrogen युक्त आहार और व्यायाम के मिश्रण ने menopausal लक्षणों, शरीर की चर्बी, और blood pressure में काफी कमी की। यह तरीका अकेले किसी इलाज से बेहतर परिणाम देता है।
जीवनशैली और सचेत जीवन
Japanese तरीके में पोषण के साथ-साथ जीवनशैली भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। Mindfulness, गहरी सांस लेना, और हल्की कसरतें जैसे tai chi और yoga रोजमर्रा की दिनचर्या का हिस्सा हैं। टहलना, खासकर प्रकृति में, तनाव प्रबंधन और मानसिक स्पष्टता के लिए लोकप्रिय है। यह सिर्फ शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि मन-शरीर के जुड़ाव को मजबूत करने का तरीका है।
Multi-generational यानी कई पीढ़ियों का साथ रहना भी एक बड़ा कारण है। बुजुर्ग महिलाएं परिवार में सक्रिय भूमिका निभाती हैं - देखभालकर्ता, मार्गदर्शक, और निर्णय लेने वाली के रूप में। यह उद्देश्य की भावना और सामुदायिक सहयोग उन्हें भावनात्मक रूप से मजबूत रखता है।
भारतीय महिलाओं के लिए व्यावहारिक सुझाव
हमें Japanese बनने की जरूरत नहीं, लेकिन कुछ आदतें जरूर अपना सकते हैं। Tofu और सोयाबीन को अपने खाने में शामिल करें। दालें, अलसी के बीज, और हरी पत्तेदार सब्जियां भी phytoestrogens के अच्छे स्रोत हैं। रागी, तिल, और दही calcium के लिए बढ़िया हैं - menopause के बाद हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी।
हल्की गतिविधि - चाहे yoga हो, शाम की सैर हो, या घर में नृत्य - मूड और शरीर दोनों को सहारा देती है। सबसे महत्वपूर्ण है सोच में बदलाव। Menopause को अंत नहीं, बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत समझें। यह समय है खुद पर ध्यान देने का, पुराने शौक फिर से शुरू करने का, या नई चीजें सीखने का।
सामुदायिक सहयोग की ताकत
कई संस्कृतियों में menopause को नवीनीकरण और बढ़ी हुई सामाजिक शक्ति के रूप में celebrate किया जाता है। India में हमें भी इस बारे में खुलकर बात करनी चाहिए। सहेलियों और परिवार के साथ अनुभव साझा करने से भावनात्मक सहारा मिलता है। यह यात्रा अकेले नहीं, बल्कि साथ मिलकर करनी है।
Japanese तरीका हमें सिखाता है किmenopause एक बीमारी नहीं, बल्कि जीवन का प्राकृतिक विकास है। सही पोषण, सचेत जीवनशैली, सकारात्मक सोच, और सामुदायिक सहयोग के साथ, यह दौर समझदारी और स्वतंत्रता का समय बन सकता है।
/hindi/media/agency_attachments/zkkRppHJG3bMHY3whVsk.png)
Follow Us