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Lifestyle: अगर बनना चाहते हैं अच्छा श्रोता तो इन बातों का रखें ध्यान

वर्बल कम्युनिकेशन में दो पार्टीज होती हैं - स्पीकर (बोलने वाले व्यक्ति) और लिसनर (सुनने वाला व्यक्ति)। अगर एक इंसान बोलता रहे लेकिन दूसरा इंसान अच्छे से सुने न तो यह प्रोसेस पूरी नहीं होती। अच्छे से सुनना भी एक कला मानी जाती है।

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Mandie Panesar
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How Can You Be A Good Listener (Image Credit: Pinterest)

How Can You Be A Good Listener? : टू-वे वर्बल कम्युनिकेशन में दो पार्टीज ज़रूरी होती हैं - स्पीकर (बोलने वाले व्यक्ति) और लिसनर (सुनने वाला व्यक्ति)। अगर एक इंसान बोलता रहे लेकिन दूसरा इंसान अच्छे से सुने न तो यह प्रोसेस पूरी नहीं होती। आपको यह जान कर शायद हैरत होगी कि अच्छे से सुनना भी एक कला मानी जाती है। 

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अगर बनना चाहते हैं अच्छा श्रोता तो इन बातों का रखें ध्यान 

अक्सर अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स में अपनी बात साफ़ और स्पष्ट शब्दों में कह पाना ही अहम समझा जाता हैं लेकिन ध्यान से सुनना भी उतना ही ज़रूरी है। अगर हम सुनने पर फोकस नहीं करेंगे तो बोलने वाला हमें क्या मैसेज देना चाहता है हम यह नहीं समझ पाएंगे। जैसे अगर बच्चे क्लास में टीचर की बात को ध्यान से नहीं सुनेंगे तो वे टीचर की बात को मन में नहीं बिठा पाएंगे। इसी तरह हमें अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स के लिए सिर्फ बोलने पर ही नहीं बल्कि सुनने पर ध्यान देने की भी ज़रूरत है। 

1. पेशेंस है ज़रूरी 

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अच्छे लिसनर बनने के लिए आपको सब्र रखना बहुत ज़रूरी है। स्पीकर की बात कम्पलीट होने तक चुप रहकर उनकी बात को सुनना ज़रूरी है। बोलने वाला चाहे आपसे बड़ा हो या छोटा, छोटे ओहदे पर हो या बड़े पर, उनकी बात पूरी होने दें और उसके बाद ही उनकी बात का जवाब दें। 

2. कम से कम टोकें

अगर आप को दूसरों की बात पूरी होने से पहले बीच में टोकने की आदत है तो आप अच्छे लिसनर नहीं हैं। आपको अच्छे लिसनर बनने के लिए यह आदत आज ही छोड़नी होगी। अगर आप बोलने वाले को बीच में ही टोक कर अपनी बात करेंगे तो आप उनका मैसेज प्रॉपर्ली रिसीव नहीं कर पाएंगे। हो सकता है कि आप उनको मिसअंडरस्टैंड भी कर लेंगे। 

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3. बोलने वाले पर फोकस करें 

सक्सेसफुल कम्युनिकेशन के लिए ज़रूरी है कि लिसनर होने के नाते आप बोलने वाले की हर बात को ध्यान से सुनें और उनका मैसेज प्रॉपर समझने की लिए उनकी बात पर ही फोकस करें। अगर आपको कोई बात समझ में नहीं आई तो उनकी बात पूरी होने पर उनसे सवाल करें ताकि आप पूरी बात अच्छे से समझ पाएं। 

4. पहले से जज न करें

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लिसनर होने के नाते आपको बोलने वाले को पहले से ही जज नहीं करना है। उनकी आधी बात सुनकर उनके बारे में पहले ही कोई जजमेंट देने की बजाय उन्हें अपनी बात मुकम्मल करने का मौका दें। इस तरह से आप मिसकम्युनिकेशन होने से रोक पाएंगे। 

5. बॉडी लैंग्वेज भी है ज़रूरी 

जब आप फेस टू फेस कम्युनिकेशन में हों तब बोलने वाले व्यक्ति की तरफ अपना पूरा ध्यान केंद्रित रखें और अपनी आंखें, सिर और गर्दन उसकी बात में हाँ या ना करने के लिए हिलाएं। आपकी बॉडी लैंग्वेज से अगर उन्हें यह लगेगा कि आप उनकी बात में इंटरेस्टेड नहीं हैं तो आप अच्छे लिसनर के रूप में नहीं देखे जाएंगे और वे शायद अपनी पूरी बात कह ही न पाएं। 

Good Listener अच्छा श्रोता
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