जानिए PCOD होते ही वेट लॉस क्यों बन जाता है पहला ट्रीटमेंट?

जैसे ही किसी महिला को PCOD डायग्नोज़ होता है, उसे अक्सर वेट लॉस करने की सलाह दी जाती है। लेकिन, PCOD में वेट लॉस करना इतना ज़रूरी क्यों है?

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Dimpy Bhatt
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Know why weight loss becomes the first treatment after PCOD

पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिसऑर्डर, या PCOD, कई महिलाओं के लिए एक आम समस्या बनती जा रही है। इसके आम लक्षणों में अनियमित पीरियड्स, एक्ने, बाल झड़ना और अचानक वज़न बढ़ना शामिल हैं। जैसे ही किसी महिला को PCOD डायग्नोज़ होता है, उसे अक्सर वेट लॉस करने की सलाह दी जाती है। लेकिन, PCOD में वेट लॉस करना इतना ज़रूरी क्यों है? इसके कई ज़रूरी कारण हैं जिन्हें समझना बहुत ज़रूरी है।  

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जानिए PCOD होते ही वेट लॉस क्यों बन जाता है पहला ट्रीटमेंट?

1. हार्मोनल इम्बैलेंस

PCOD से शरीर का हार्मोनल बैलेंस, खासकर इंसुलिन और एंड्रोजन हार्मोन का बैलेंस बिगड़ जाता है। जब इंसुलिन ठीक से काम नहीं करता है तो शरीर में ज़्यादा फैट जमा हो जाता है। इससे वेट बढ़ता है और ज़्यादा हार्मोनल इम्बैलेंस होता है। वेट लॉस करने से इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर होती है, जिससे हार्मोन धीरे-धीरे बैलेंस होने लगते हैं।  

2. पीरियड्स साइकिल 

PCOD की सबसे आम परेशानी इर्रेगुलर पीरियड्स है। रिसर्च और एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर 5–10 % भी वेट लोस्स किया जाए, तो कई महिलाओं में पीरियड्स अपने आप रेगुलर होने लगते हैं। वेट लॉस करने से ओव्यूलेशन बेहतर होता है, जो शरीर के नॉर्मल साइकिल को फिर से बनाने में मदद करता है। 

 3. दवाइयों पर निर्भरता 

अक्सर PCOD में हार्मोनल दवाइयाँ दी जाती हैं, लेकिन अगर लाइफस्टाइल और वेट पर काम किया जाए, तो दवाइयों की ज़रूरत कम हो सकती है। क्योंकि वेट लोस्स करना एक नेचुरल तरीका है जो शरीर को अंदर से बाहर तक ठीक होने में मदद करता है और इसके कुछ साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होते, इसलिए इसे अक्सर पहला ट्रीटमेंट माना जाता है।  

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 4. फर्टिलिटी 

PCOD में ज़्यादा वेट से फर्टिलिटी पर भी असर पड़ता है। वेट लोस्स करने से फ्यूचर में डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट प्रॉब्लम्स का खतरा कम होता है, साथ ही प्रेग्नेंट होने की पॉसिबिलिटी भी बढ़ती है। इसका मतलब है कि फ्यूचर की हेल्थ भी उतनी ही ज़रूरी है जितनी आज की।

5. कंट्रोल और कॉन्फिडेंस 

PCOD में जब महिलाएं वेट लोस्स करना शुरू करती हैं, तो उन्हें अपने शरीर पर ज्यादा कंट्रोल महसूस होता है। इसके रिजल्ट में वे मेंटली और फिजिकली रूप से ज़्यादा मज़बूत हो जाती हैं। PCOD को मैनेज करने के लिए ज़्यादा एनर्जी, पॉज़िटिव मूड और कॉन्फिडेंस ज़रूरी हो जाते हैं। इसलिए PCOD में वेट लॉस को पहला ट्रीटमेंट कहा जाता है।यह कोई सज़ा नहीं, बल्कि बॉडी को समझने और उसे सही दिशा देने का एक ज़रूरी कदम है।

PCOD लाइफस्टाइल