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Women Sacrifice: क्यों महिलाओं से हमेशा दूसरों को खुश करने की उम्मीद की जाती है?

आपने अपने घर में देखा होगा कि महिलाएं हमेशा ही दूसरों को खुश करने में लगी रहती हैं। वह चाहे बीमार हैं या फिर कुछ काम कर रही हैं लेकिन जब कोई दूसरा आकर उन्हें अपना काम कहता है तो कभी भी मना नहीं करती हैं।

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Rajveer Kaur
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Housewife

Image Credit: Medium

Why It Is Always Expected Of Women To Please Everyone: आपने अपने घर में देखा होगा कि महिलाएं हमेशा ही दूसरों को खुश करने में लगी रहती हैं। वह चाहे बीमार हैं या फिर कुछ काम कर रही हैं लेकिन जब कोई दूसरा आकर उन्हें अपना काम कहता है तो कभी भी मना नहीं करती हैं। उन्हें लगता है कि हमें हमेशा ही दूसरों को खुश रखना है। घर का कोई भी व्यक्ति नाराज नहीं होना चाहिए। घर पर खाना भी दूसरों की पसंद का ही बनाती हैं। ऐसी जिंदगी जीते-जीते वो एक दिन खुद ही भूल जाती है कि उन्हें क्या अच्छा लगता है। हम सब इन बातों के ऊपर ध्यान नहीं देते हैं लेकिन जब आप अपनी मां से पूछेंगे कि उसकी मनपसंद सब्जियां या फिर रंग क्या हैं तो शायद ही वह उसका जवाब दे पाएंगी क्योंकि उन्होंने कभी अपनी पसंद के ऊपर ध्यान ही नहीं दिया उन्हें यही सिखाया गया है कि कैसे दूसरों को खुश रखना है।

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क्यों महिलाओं से हमेशा दूसरों को खुश करने की उम्मीद की जाती है?

दूसरों को खुश रखने में कुछ भी गलत नहीं है लेकिन जब हम खुद को कंप्रोमाइज करके हर समय दूसरों के बारे में सोचते रहते हैं तब हम खुद की पहचान कहीं खो देते हैं। महिलाओं के साथ यह बहुत बड़ी समस्या है। उनकी परवरिश में भी उन्हें सिखाया जाता है कि कैसे उन्हें दूसरों का ध्यान रखना है। उन्हें हमेशा अपनी खुशी को कंप्रोमाइज करना सिखाया जाता है। उन्हें लगता है कि अगर हम अपने बारे में सोचेंगे या खुद की खुशी को प्रायोरिटी देंगे तो हम सेल्फिश बन जाएंगे। इसलिए वह कभी ऐसा सोचती ही नहीं है। हमारा सामाजिक ढांचा ही ऐसा है जहां पर महिलाओं को पुरुषों की खिदमत करना ही सिखाया जाता है।

अब समय आ गया है कि महिलाओं को अपनी खुशी को प्राथमिकता देनी चाहिए। दूसरों से पहले उन्हें खुद का ध्यान रखना है। अगर उन्हें लगता है कि वह कोई काम नहीं कर सकती हैं या फिर उनका मन नहीं है तो उन्हें मना करना सीखना होगा। उन्हें वह चीज करनी शुरू करनी होगी जिसमें उनका मन है। उन्हें खुद को एक्सप्लोर करना चाहिए कि वह क्या चाहते हैं और क्या नहीं। अगर उन्हें कुछ अच्छा नहीं लगता है तो उसके लिए बोलना शुरू करना होगा। अगर वह ऐसे ही दूसरों को खुश करने में अपनी खुशी का त्याग करती रही तो अपने लिए कभी भी जी नहीं पाएंगी। इससे वह अपनी बेटियों को भी वही सिखाएंगी। आज के समय में बहुत सारी महिलाओं ने ऐसा करना शुरू कर दिया है। इसके लिए उन्हें न कोई गिल्ट है और ना ही वे शर्म महसूस करती हैं।

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