Deepika Padukone और "Live Love Laugh": मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में कैसे बदली देश की सोच?

दीपिका पादुकोण ने अपने डिप्रेशन के अनुभव के बाद ‘लिव लव लाफ’ फाउंडेशन शुरू किया। इस पहल ने भारत में मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करने की हिम्मत दी और जागरूकता बढ़ाई।

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Tamanna Soni
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Photograph: Instagram Via (@tlllfoundation)

जब बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने लगभग एक दशक पहले अपना मानसिक स्वास्थ्य का अनुभव साझा किया, तो बहुत से लोग स्तब्ध रह गए — एक ग्लैमर और चमक-धमक भरी दुनिया की सुपरस्टार ने डिप्रेशन जैसे विषय को सार्वजनिक मंच पर लेकर आई. इसी अनुभव ने उन्हें द लिव लव लाफ फाउंडेशन (Live Love Laugh Foundation) शुरू करने के लिए प्रेरित किया, जो आज भारत में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता का सबसे चर्चित अभियान बन चुका है.

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Deepika Padukone और ‘Live Love Laugh’: मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में कैसे बदली देश की सोच?

वैयक्तिक संघर्ष से सामाजिक मिशन तक

दीपिका ने खुद डिप्रेशनऔर चिंता (anxiety) से जूझा है और इसका सामना किया है। यह वह अनुभव था जिसने उन्हें महसूस कराया कि भारत जैसे देश में, जहाँ मानसिक स्वास्थ्य के बारे में कलंक, शर्म और अनदेखा करना आम हैं, आवाज उठाना बेहद जरूरी है. इसी वजह से उन्होंने 2015 में Live Love Laugh Foundation की स्थापना की, ताकि वे उन लोगों तक मदद, जानकारी और समर्थन पहुँचा सकें जो अक्सर अपने दर्द को छुपा लेते हैं.

उनका कहना रहा है कि उन्होंने यह कदम सिर्फ अनुभव साझा करने के लिए नहीं लिया, बल्कि इसलिए लिया क्योंकि “कम से कम एक जान बचाने की ज़रूरत” उन्हें महसूस हुई थी — यही Foundation के पीछे का मूल मकसद है.

‘लिव लव लाफ’ का उद्देश्य और काम

Live Love Laugh Foundation का मुख्य लक्ष्य मानसिक स्वास्थ्य की सचाई को समाज के सामने लाना है — ताकि लोग अवसाद, चिंता और तनाव जैसी गंभीर समस्याओं पर खुलकर बात कर सकें. इसके लिए यह Foundation:

  • मानसिक स्वास्थ्य विषय पर जागरूकता फैलाता है।

  • मानसिक बीमारी से जुड़े सामाजिक कलंक को कम करता है।

  • भरोसेमंद संसाधन — जैसे सलाह, हेल्पलाइन और काउंसलिंग — उपलब्ध कराता है।

इसके अलावा कार्यक्रम “You Are Not Alone” के माध्यम से स्कूलों, ग्रामीण समुदायों और शहरी क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य के बारे में शिक्षा और जानकारी दी जाती है, ताकि लोग पहचान सकें कि यह अनुभव सामान्य है और मदद लेना गलत नहीं है

समाज में सोच कैसे बदली है?

पहले मानसिक स्वास्थ्य पर बात करना टाबू की तरह माना जाता था. लोग अपनी समस्या छिपाते और अक्सर सलाह लेने से डरते थे. लेकिन दीपिका के खुलकर अनुभव साझा करने और Live Love Laugh की लगातार मुहिम के कारण:

  • अब कई लोग अपने मानसिक संघर्षों के बारे में खुलकर बात कर रहे हैं।

  • लोग सोशल मीडिया पर #NotAshamed और साझा कहानियाँ पढ़ते/लिखते हैं, जिससे कईयों को यह महसूस होता है कि वे अकेले नहीं हैं.

  • मीडिया, शैक्षणिक संस्थाएँ और बड़े-छोटे संगठन मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर चर्चा करने लगे हैं।

सरकार भी इस दिशा में कदम उठा रही है — अक्टूबर 2025 में दीपिका को भारत सरकार ने पहला “मेंटल हेल्थ एंबेसडर” नियुक्त किया, ताकि वह देशभर में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को और आगे बढ़ा सकें.

चुनौतियाँ और आगे का मार्ग

हालाँकि Awareness बढ़ी है, फिर भी ग्रामीण इलाकों, छोटे कस्बों और पारिवारिक माहौल में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति धारणाएँ बदलना आसान नहीं है. Live Love Laugh जैसे प्रयासों से सामाजिक सोच बदल रही है, लेकिन अभी बहुत काम बाकी है — जैसे कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक सस्ती और आसान पहुँच तैयार करना और लोगों को सहायता तक जोड़ना.

दीपिका पादुकोण ने अपनी ग्लैमरस पहचान को सामाजिक जिम्मेदारी में बदला और भारत में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सोच को बदलने में एक अमिट छाप छोड़ी है. Live Love Laugh Foundation ने सिर्फ बातें नहीं कीं, बल्कि लोगों को सशक्त बनाया कि वे अपनी मानसिक चुनौतियों को समझें और मदद लेने में शर्म महसूस न करें. आज mental health केवल रोग के रूप में नहीं देखा जाता — बल्कि एक आम जीवन का हिस्सा माना जाता है, जिसका समाधान ज़रूरत के अनुसार लिया जाना चाहिए, न कि छिपाया जाना चाहिए.

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