Women Should Aspire In These 5 Sports: महिलाएं हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। महिलाओं की पहली प्राथमिकता उनका करियर और फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस बन रही है। महिलाएं कई क्षेत्रों में अपना कैरियर आगे बढ़ा रहे हैं शेफ हो या एक्टर, एक्टिंग हो या इंजीनियरिंग, पायलट हो या टीचर, मॉडलिंग हो या खिलाड़ी बनना कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं जिसमें महिलाओं ने सफलता हासिल नहीं की। खेल के क्षेत्र में कैरियर आगे बढ़ना और सफलता हासिल करना यह महिलाओं के आकर्षण का केंद्र बन रहा है इसमें बढ़ती हुई ऑपच्यरुनिटीज महिलाओं को एक नया प्लेटफार्म प्रदान कर रहे हैं जिसके द्वारा वे अपनी मेहनत, डेडीकेशन, हार्ड वर्क और पैशन से अपने लाइफ अपने मुताबिक बन सकती हैं। किसी भी खेल में एक बेहतरीन खिलाड़ी होना अपने देश के लिए मेडल और पुरस्कार जीतना किसी भी इंसान के लिए बहुत ही गर्व की बात है। भारतीय महिलाओं ने खेल की दुनिया में अपनी अद्भुत पहचान बनाई है।
मिताली राज का इंटरनेशनल क्रिकेट में सर्वाधिक रनों का रिकॉर्ड, मैरी कॉम का ओलंपिक में बॉक्सिंग के खेल में मेडल हासिल करना, साइना नेहवाल का पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनना जिसने ओलंपिक में मेडल जीता, गीता फोगाट और बबीता फोगाट का रेसलिंग में ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को स्वर्ण पदक दिलाना, पीवी सिंधु का ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतकर गर्व महसूस करना। इन सभी महिला खिलाड़ियों ने खेल के क्षेत्र में अद्भुत और अविश्वसनीय कीर्तिमान स्थापित कर यह साबित किया है कि महिलाएं खेल के क्षेत्र में किसी भी ऊंचाई तक पहुंच सकती है कोई भी रिकॉर्ड तोड़ सकती हैं।
इन 5 खेलों को महिलाएं करियर ऑप्शन रख सकती हैं
1. क्रिकेट (Cricket)
हमारी भारतीय क्रिकेट टीम के अद्भुत खिलाड़ियों ने क्रिकेट की परिभाषा बदल दी। अब वूमेंस क्रिकेट को भी उतना ही ज्यादा महत्व दिया जाता है जितना ही मैंस क्रिकेट को। वूमेन'एस क्रिकेट की सैलरी भी अब बढ़ती जा रही है और वूमेन'एस प्रीमियर लीग का पहला सत्र भी बेहतरीन रहा। भारतीय टीम के अद्भुत खिलाड़ी जैसे हर मनप्रीत कौर मिताली राज, स्मृति मंधाना, झूलन गोस्वामी इन सभी ने अविश्वसनीय कीर्तिमान स्थापित कर वूमेन'एस क्रिकेट के फ्यूचर को एक नई दिशा दी है।
2. बैडमिंटन (Badminton)
बैडमिंटन हमारे देश में हमेशा से ही मशहूर रहा है और कई भारतीय खिलाड़ियों ने बैडमिंटन में अविश्वसनीय कीर्तिमान स्थापित करें हैं। साइना नेहवाल ने 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कर लिया और वह बनी भारत की पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी जिन्होंने ओलंपिक में पदक हासिल किया। कांस्य पीवी सिंधु ने 2016 रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक अपने नाम किया और 2020 टोक्यो ओलंपिक प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। महिलाएं अपना कैरियर आगे बढ़ाने के लिए बैडमिंटन को एक अच्छा विकल्प मान सकती हैं।
3. बॉक्सिंग (Boxing)
भारतीय खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग में भी कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। भारत की स्टार बॉक्सर मैरी कॉम ने ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करते पदक जीत कर देश को गर्व महसूस कराया बॉक्सिंग को एक अच्छा करियर ऑप्शन मान सकती हैं।
4. टैनिस (Tennis)
टेनिस में हमारी स्टार खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने कई पुरस्कार जीते हैं और देश का नाम रोशन किया है। सानिया मिर्जा को टेनिस में नए कीर्तिमान स्थापित करते देख कई लोगों ने टेनिस खेलना शुरू भी किया। टेनिस में महिलाएं अपना करियर बहुत आगे तक बढ़ा सकती हैं और सफलता हासिल कर सकती हैं।
5. रेसलिंग (Wrestling)
कुश्ती हमारे देश में कई वर्षों से खेला जा रहा है और महिलाओं ने अपनी मेहनत लगन हार्ड वर्क और डेडीकेशन से कुश्ती के इस खेल में अपनी पहचान बनाई है। एक जमाने में महिलाओं को कुश्ती खेलने की इजाजत नहीं होती थी लेकिन हमारे भारतीय महिला रैसलर्स ने इस नेरेटिव को बदला है। गीता फोगाट और बबीता फोगाट भारत की स्टार रैसलर्स ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर एक नया इतिहास रचा। अब जब भी कुश्ती की बात होती है तो महिला रेसलर का नाम सबसे पहले लिया जाता है। महिलाएं रेसलिंग को खेल क्षेत्र में एक अच्छा ऑप्शन जरूर रख सकती हैं।