Sugar Cravings: पीरियड्स के दौरान मीठा खाने से सेहत पर क्या असर पड़ता है?

Sugar Cravings: पीरियड्स के दौरान मीठा खाने से सेहत पर क्या असर पड़ता है? Sugar Cravings: पीरियड्स के दौरान मीठा खाने से सेहत पर क्या असर पड़ता है?

SheThePeople Team

29 Oct 2021


Sugar Cravings During Periods:  पीरियड्स महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही जरूरी होते हैं। जितने पीरियड्स हमारे लिए जरूरी होती हैं उतनी ही ज्यादा ये परेशानी देते हैं। पीरियड्स हर महीने अपने साथ लाते हैं क्रैंप्स, सूजन, मूड स्विंग, आदि जैसे परेशानियां। पीरियड्स में मलियाओं के शरीर में कमजोरी मेहसूस होती है ब्लीडिंग, क्रैंप्स की वजह से। इसलिए महिलाओं को अपनी सेहत का ख्याल रखने के लिए कहा जाता है। पौष्टिक आहार खाना और योग करना फायदेमंद साबित होता है। 

फूड क्रेविंग क्या होती है? 

पीरियड्स में कई महिलाओं को अपने शुरुवाती दिनों में कुछ विशेष भोजन की लालसा का अनुभव होता है। पीरियड्स साइकिल के दौरान हार्मोन के उतार-चढ़ाव और  सेरोटोनिन के स्तर के बदलाव की वजह से होता है। हॉरमोनल बदलाव शरीर में ब्लड सुगर लेवल को गिरा देता है जिसकी वजह से महिलाओं को फूड क्रेविंग होती है। इन क्रेविंग की वजह से महिलाएं कुछ ऐसा खा लेती हैं जो उनके सेहत को प्रभावित कर सकता है। 

कैसे सुगर क्रेविंग पीरियड्स में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है?

पीरियड्स में मीठा खाना हमारे मूड को अच्छा बना सकता है क्योंंकि इस समय हमारा वहीं चेज खाने का मन होता है, लेकिन पीरियड्स में मीठा खाना हमारी बॉडी पर बुरा असर डालता है। सुगर में इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टी होती है जो ब्लड सप्लाइ को यूटरस में बढ़ा देती है, जिसकी वजह से वॉटर रिएक्शन होता है जिसकी वजह से पेट के निचले हिस्से में दर्द और सूजन, क्रैंप्स और बढ़ जाती है। 

पीरियड्स के मीठा खाने की वजह से पीरियड्स क्रैंप्स बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं क्योंंकि एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन इंसुलिन के स्तर पर गलत तरीके से प्रतिक्रिया करते हैं। ज्यादा मात्रा में मीठा खाने से हॉरमोनल असंतुलन बढ़ जाता है क्योंंकि मीठे की वजह से शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ जाते हैं जो प्यूबर्टी के लक्षणों को बढ़ाव देते हैं जैसे ब्रेस्ट का बढ़ना, आदि। इसके साथ ही एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन इंसुलिन की वजह से स्ट्रेस हार्मोन्स भी बिगड़ सकते हैं जिसकी वजह से आपका ज्यादातर समय मूड चिडचिड़ा ही रहेगा। 

मीठा खाने से वजन बढ़ता है लेकिन अगर आप पीरियड्स में मीठा खाते हैं तो आपका वजन ज्यादा तेजी से बढ़ता है। इसलिए पीरियड्स में सीमित मात्रा में मीठा खाना चाहिए। 

सुगर क्रेविंग को रोकने के लिए क्या करना चाहिए? 

सुगर क्रेविंग को रोकने के लिए आप कुछ चीज़ों को बदल सकते हैं।

1. चॉकलेट को स्वैप करें डार्क चॉकलेट के कुछ पीस के लिए, जिसमें चीनी कम होती है और स्वस्थ पॉलीफेनोल्स का स्तर ज्यादा होता है।  

2. शुगर-फ्री गम चबाना आपको एक मीठा स्वाद प्रदान कर सकता है जो आपकी लालसा को रोकने में मदद कर सकता है और आपके भोजन के सेवन को नियंत्रण में रखेगा। 

3. सुगर क्रेविंग के लिए आप फल का सेवन कर सकते हैं जैसे सेब, अनार आदि। फलों में चीनी होती है, बहुत सारे स्वस्थ पोषक तत्वों होते हैं जो क्रेविंग दूर करने में मदद करते हैं और शरीर को स्वस्थ बनाते हैं।

4. जामुन का स्वाद मीठा होता है। लेकिन उनमें फाइबर उच्च मात्रा में होता है और चीनी कम होती है। नियमित रूप से जामुन खाने से क्रेविंग दूर होती है। जामुन शरीर को थकान और आलस से दूर करता है। जामुन खून साफ करने में मदद करता है और लाल ब्लड सेल्स को बढ़ाता है। 


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