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खुशहाल जीवन के लिए Self-Care टिप्स क्या हैं?

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद की देखभाल करना (आत्म-संवार) अक्सर पीछे छूट जाता है। लेकिन यह सच है कि खुश रहने और एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए आत्म-संवार बहुत जरूरी है। इसका मतलब है अपने शरीर, मन और आत्मा को पोषण देना। 

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Anusha Ghosh
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(Credit : Mooditude )

Self-Care: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद की देखभाल करना (आत्म-संवार) अक्सर पीछे छूट जाता है। लेकिन यह सच है कि खुश रहने और एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए आत्म-संवार बहुत जरूरी है। इसका मतलब है अपने शरीर, मन और आत्मा को पोषण देना। 

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5 आसान से आत्म-संवार के तरीके जो आपकी जिंदगी में खुशियाँ ला सकते हैं

1. सकारात्मकता अपने आसपास लाएं

हम जिन लोगों के साथ समय बिताते हैं, उनका हमारी सोच और आदतों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए, अपने आसपास सकारात्मक और उत्साहित करने वाले लोगों को रखें। ऐसे लोगों के साथ रहने से आपकी उर्जा बनी रहती है और मुश्किलों का सामना करने का हौसला बढ़ता है। नकारात्मक लोगों से दूरी बनाए रखें, वरना उनकी नकारात्मकता आपको भी जकड़ सकती है।

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2. आराम करना भी सीखें

आजकल की व्यस्त जिंदगी में हम अक्सर यह भूल जाते हैं कि आराम करना भी उतना ही जरूरी है जितना काम करना। लगातार काम करने से  तनाव बढ़ता है और आप जल्दी थक जाते हैं। इसलिए, बीच-बीच में छोटे ब्रेक लेना न भूलें। साल में कम से कम एक बार छुट्टियां मनाएं और उस दौरान अपने फोन और काम को किनारे रखकर सिर्फ घूमने-फिरने और आराम करने पर ध्यान दें।

3. अपने मन को शांत रखें

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रोजमर्रा की जिंदगी की चिंता और उलझनों के कारण हमारा मन अशांत हो जाता है। ऐसे में मन को शांत रखने के लिए ध्यान (मेडिटेशन) या योग का अभ्यास करना बहुत फायदेमंद होता है। कुछ देर के लिए शांत बैठकर गहरी साँस लेने का अभ्यास भी आपके तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।

4. अपने जुनून को जगाएं

खुश रहने के लिए उन चीजों को करना न भूलें जो आपको पसंद हैं। अपने शौक के लिए समय निकालें।  चाहे वह किताब पढ़ना हो, संगीत सुनना हो, प्रकृति की सैर करना हो या फिर कोई रचनात्मक काम करना हो, उन चीजों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। यह न सिर्फ आपको खुशी देगा बल्कि आपकी रचनात्मकता को भी बढ़ाएगा।

5. अपने शरीर को वही दें जिसका वो हकदार है

यह कहावत बिलकुल सच है कि "हमारा शरीर हमारा मंदिर है"। जैसे हम किसी मंदिर की देखभाल करते हैं और उसे साफ-सुथरा रखते हैं, उसी तरह हमें अपने शरीर का भी ध्यान रखना चाहिए।  हमारा शरीर हमें जीवन जीने का अवसर देता है, इसलिए उसकी उचित देखभाल करना हमारा कर्तव्य है।

सकारात्मक self care तनाव नकारात्मक मेडिटेशन
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