Belly Bulge: क्या मेनोपॉज आते आते आपका belly फैट बढ़ गया हैं?

मेनोपॉज आते आते महिलाएं हार्मोनल बदलाव और  लाइफ स्टाइल में बदलाव के कारण महिलाएं महसूस करती हैं, कि उनका बेली फैट बढ़ गया हैं। रीमेनोपॉज से लेकर पोस्टमेनोपॉज तक का सफर आसान नहीं होता हैं। शरीर के बदलने से लाइफस्टाइल और मन की इच्छाएं भी बदलने लगती हैं।

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Nainsee Bansal
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Menopause

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मेनोपॉज आते-आते महिलाएं हार्मोनल बदलाव और लाइफस्टाइल में बदलाव के कारण महिलाएं महसूस करती हैं, कि उनका बेली फैट बढ़ गया हैं। यूं तो यह सामान्य बदलाव हैं जो तनाव, हार्मोनल बदलाव और लाइफस्टाइल के कारण होता हैं। पर जब शरीर बदलता है तो मन पर भी उसका असर होने लगता हैं। बेली फैट को कुछ बदलाव करके नियंत्रण किया जा सकता हैं। पेरीमेनोपॉज से लेकर पोस्टमेनोपॉज तक का सफर आसान नहीं होता हैं। शरीर के बदलने से लाइफस्टाइल और मन की इच्छाएं भी बदलने लगती हैं। लेकिन जब शरीर बदलता हैं तो मन पर उसका असर होने लगता हैं। आइए, जानते हैं belly fat का क्या कारण हैं और इसे कैसे रोका जाएं।

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Belly Bulge: क्या मेनोपॉज आते आते आपका belly फैट बढ़ गया हैं?

बेली फैट का कारण

हार्मोनल बदलाव

Women In 40s: शरीर में हार्मोनल बदलाव के कारण बेली फैट बढ़ जाता हैं। इस समय एस्ट्रोजेन की कमी के कारण फैट का वितरण बदलकर पेट पर जमा होने लगता हैं।

स्लो मेटाबॉलिज्म 

शरीर मेनोपॉज के दौरान उतनी तेजी से फैट नहीं जलाता हैं जितना जरूरी हैं। मेटाबॉल्जिम का धीमा होना बेली फैट का सबसे बड़ा कारण कहा जा सकता हैं।

तनाव और नींद की कमी

मेनोपॉज के समय महिलाओं को अधिक तनाव के कारण नींद में कमी होने लगती हैं। इस समस्या के बने रहने से उनके शरीर पर फैट डिपॉजिट होने लगता हैं। जब कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता हैं तो वह पेट पर जमा होने लगता हैं।

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आनुवांशिकता और आदतें 

जेनेटिक्स और हैबिट दोनों भी इसके सबसे बड़े भूमिका के कारण होते हैं। इस समय महिलाएं डाइट और ऐक्टिविटी को पूरी तरह बदल लेती हैं। इस कारण उनके बेली फैट बदल जाता हैं। जब शरीर पहले ही तुलना में खुद को कम बैलेंस पाता हैं तो यह होना स्वाभाविक हैं।

मेनोपॉज के लिए ज़रूरी बातें: कैसे करे बेली फैट को बैलेंस?

बैलेंस डाइट और मील

महिलाओं को इस समय शक्कर, नमक, तेल और अन्य भारी पदार्थ का सेवन बिल्कुल बंद कर देना चाहिए। फल, सब्जियां, दाने और फाइबर युक्त भोजन अधिक लेना चाहिए। कई महिलाएं अल्कोहल और कैफ़ीन कंजम्पशन करती हैं तो उसे तुरंत बंद करने का प्रयास करें। प्रोटीन और विटामिन के इनटेक को भी सही कर सकतीं हैं।

रेगुलर एक्सरसाइज 

अपनी मांसपेशियां और हड्डियां मजबूत बनाएं रखने के लिए 3- 4 दिन एयरोबेटिक एक्सरसाइज और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें। साथ ही तनाव को कम करने के लिए योग और ध्यान करें। शरीर को एक्टिव रखने से तनाव कम होता हैं।

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स्ट्रेस मैनेजमेंट 

स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए क्रिएटिव ऐक्टिविटी करना और खुद के साथ समय बिताना बहुत ही आवश्यक हैं। आप अपनी कला को समय दे सकती हैं। साथ ही गार्डेनिंगऔर ड्राइंग को और बेहतर बना सकती हैं।

खुद के लिए एक्सेप्टेंस 

सबसे बड़ी भूमिका होती हैं स्वीकृति। आपका मेनोपॉज पूरा जीवन नहीं हैं। यह जीवन का एक हिस्सा हैं और इसे स्वीकार करना जरूरी हैं। जब आप अपनी परिस्थितियों को स्वीकार करती हैं तो उसे हल आसानी से ढूंढ पाती हैं।

मेनोपॉज Women In 40s मेनोपॉज के लिए ज़रूरी बातें