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क्यों महिलाएं खुद को Priority में नहीं रखती हैं?

हमारे समाज में माहौल ऐसा है कि महिलाएं हमेशा ज़िन्दगी को घुटकर जीती है। इसका कारण यह भी है कि महिलाओं को अपने लिए जीना नहीं सिखाया जाता। इसके अलावा और भी कई कारण हैं जैसे उन्हें घर से बाहर निकलने नहीं दिया जाता अगर जाना भी है तो पूछ कर जाओ।

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Rajveer Kaur
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Why Don't Women Put Themselves On Priority(Image Credit: Pinterest)

Why Don't Women Put Themselves On Priority: भारतीय परिवारों में महिला एक ऐसी शख्स है जो दूसरों को अपने से पहले लेकिन अपने आप को सबसे बाद में रखती है। महिलाएं ऐसा क्यों करती हैं? आपने देखा होगा जब घर में खाना पकाने की बारी आती है तब महिलाएं पकाती है लेकिन खाना सब के बाद में खाती है। इससे आप घर में महिलाओं की स्थिति समझ सकते हैं। यह अकेले खाने की बात नहीं है। ऐसे बहुत से पल महिलाओं की ज़िन्दगी में आते हैं जब वे खुद को पीछे रखकर दुसरो को आगे रखती है। ऐसा आपने अपनी मां के साथ हमेशा देखा होगा क्योंकि उनकी परवरिश ही इसके हिसाब से की गई है। उन्हें अपने लिए जीना सिखाया ही नहीं जाता लेकिन अब यह बच्चों की जिम्मेदारी है कि हम अपनी जिंदगी में मौजूद महिलाओं को अपने लिए जीना सिखाए। 

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महिलाएं खुद को Priority में क्यों नहीं रखती

महिलाएं हमेशा ज़िन्दगी को घुटकर जीती है

हमारे समाज में माहौल ऐसा है कि  महिलाएं हमेशा ज़िन्दगी को घुटकर जीती है। इसका कारण यह भी है कि महिलाओं को अपने लिए जीना नहीं सिखाया जाता। इसके अलावा और भी कई कारण हैं जैसे उन्हें घर से बाहर निकलने नहीं दिया जाता अगर जाना भी है तो पूछ कर जाओ। उन्हें हर काम पूछ कर करना पड़ता, ज्यादा लोगों से नहीं मिलने दिया जाता और अपनी लाइफ के फैसले भी महिलाएं खुद भी नहीं ले पाती। इसके साथ ही आर्थिक आजादी भी बहुत कम महिलाओं के पास होती है लेकिन अब बहुत हो चुका है। महिला को सबसे पहले खुद को रखना चाहिए। इसके बाद बाकी सब चीजों के बारे में सोचना चाहिए। आज की महिला को यह समझने की जरुरत है वो सब के बारे में सोचती है लेकिन उसके बारे में कोई नहीं सोचता। उसे खुद को पहल देनी चाहिए। उठाए 

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बलिदान की अपेक्षा महिलाओं से 

परिवारों में सबसे ज्यादा बलिदान की अपेक्षा महिलाओं से ही की जाती है। जब शादी के बाद करियर बंद करने की बारी आती है उस समय भी महिलाओं की तरफ ही देखा जाता है। बच्चे संभालने की ज़िम्मेदारी भी ऑटोमेटेकली महिलाओं पर ही आ जाती है। घर के काम करने हो तो किसी को बताना नहीं पड़ता है क्योंकि यह भी  महिलाकी ही जिम्मेदारी है। ऐसे माहौल के कारण बलिदान के लिए सब महिलाओं को तरफ देखने लगते हैं क्योंकि सालों से ऐसा चला आ रहा है। 

अपना व्यवहार ऐसा बनाए कि आपको कोई डोमिनेट न कर पाए। आप को दूसरे लोग कमज़ोर या बेचारा ना समझे। आपको इज्जत सबकी करनी चाहिए लेकिन जब आपकी सेल्फ रिस्पेक्ट को ठेस पहुंचती है तो फिर माफ़ नहीं करना चाहिए। यह सबसे बड़ी चीज है। आप खुद को आर्थिक रूप से आजाद रखें। किसी के कहने पर भी जॉब या नौकरी मत छोड़े क्योंकि यह आपकी लाइफ है। पूरी दुनिया में किसी को कोई अधिकार नहीं है कि वह आपकी चॉइस पर सवाल उठाए। अपनी टर्म्स पर ज़िन्दगी जीना शुरू करें, इसमें कुछ लोगों को परेशानी हो सकती है। आप हर वक्त एडजस्ट होने की मत सोचे बजाय कुछ एडजस्ट आसपास के लोगों को भी आपके लिए होने दे। 

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