/hindi/media/media_files/2026/02/07/why-most-women-are-experiencing-perimenopause-in-their-30s-2026-02-07-14-47-30.png)
Photograph: (freepik)
मेनोपॉज़ एक नेचुरल फ्रेज है, जो टीपिकाली 45–55 की ऐज के बीच आता है। इस दौरान पीरियड्स परमानेंट बंद हो जाते हैं और बॉडी में कई हार्मोनल चेंज होते हैं। इन बदलावों का असर बोन, हार्ट, वेटऔर मेन्टल हेल्थ तक पर पड़ सकता है। सही जानकारी से इस फेज को हेअल्थी और बैलेंस तरीके से जिया जा सकता है।
मेनोपॉज़ के बाद शरीर में क्या बदलता है? जानें 5 इम्पोर्टेन्ट फैक्ट्स
1. एस्ट्रोजन में गिरावट
मेनोपॉज़ के बाद बॉडी में एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल काफी कम हो जाता है। ये हार्मोन महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ के साथ-साथ बोन और हार्ट की हेल्थ के लिए भी इम्पोर्टेन्ट है। इसकी कमी से हॉट फ्लैश, नाइट स्वेट और मूड स्विंग जैसी प्रॉब्लम हो सकती हैं। यही वजह है कि इस टाइम बॉडी ज्यादा सेंसिटिव महसूस कर सकता है।
2. बोन की वीकनेस का खतरा
एस्ट्रोजन की कमी का सीधा असर बोनस पर पड़ता है। बोनस डेंसिटी (Bone Density) कम होने लगती है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए मेनोपॉज़ के बाद कैल्शियम और विटामिन D का ऐडक्वैट इन्टेक बेहद जरूरी है। रेगुलर वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज भी बोनस को स्ट्रांग रखने में मदद करती है।
3. वेट और मेटाबॉलिज्म में बदलाव
मेनोपॉज़ के बाद मेटाबॉलिज्म स्लो डाउन हो सकता है। इससे वेट गेन, खासकर पेट के आसपास फैट जमा होना आम हो जाता है। अगर डाइट और फिजिकल एक्टिविटी पर ध्यान न दिया जाए, तो ये बदलाव और क्लियर हो सकते हैं। बैलेंस्ड डाइट और रेगुलर एक्सरसाइज इस सिचुएशन को कण्ट्रोल रखने में मददगार हैं।
4. हार्ट हेल्थ पर असर
एस्ट्रोजन हार्ट को प्रोटेक्ट करने का रोले निभाता है। इसके कम होने से कोलेस्ट्रॉल लेवल और ब्लड प्रेशर एफेक्ट हो सकते हैं, जिससे हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ सकता है। इसलिए मेनोपॉज़ के बाद रेगुलर हेल्थ चेकअप, हेल्दी डाइट और एक्टिव लाइफस्टाइल बेहद जरूरी हो जाते हैं।
5. मेन्टल और इमोशनल बदलाव
मेनोपॉज़ सिर्फ फिजिकल ही नहीं, मेन्टल बदलाव भी लाता है। कुछ महिलाओं को मूड स्विंग, इर्रिटेशन या हल्का डिप्रेशन महसूस हो सकता है। नींद की गड़बड़ी भी आम है। ऐसे टाइम में फॅमिली का सपोर्ट, मेडिटेशन और स्ट्रेस मैनेजमेंट तकनीकें बहुत मददगार साबित हो सकती हैं। मेनोपॉज़ के बाद बॉडी में होने वाले बदलाव नेचुरल हैं, लेकिन इन्हें इग्नोर नहीं करना चाहिए।
/hindi/media/agency_attachments/zkkRppHJG3bMHY3whVsk.png)
Follow Us