क्या आप मेनोपॉज़ के करीब हैं? जानिए मेनोपॉज़ से जुड़े हॉट फ्लैशेस का सच

मेनोपॉज़ के करीब पहुंचते ही कई महिलाओं को अचानक गर्मी लगना, पसीना आना और हार्टबीट तेज होना जैसे सिम्पटम्स महसूस होते हैं। इन्हें हॉट फ्लैशेस कहा जाता है।

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Dimpy Bhatt
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are you nearing menopause truth about hot flashes

Photograph: (freepik)

मेनोपॉज़ के करीब पहुंचते ही कई महिलाओं को अचानक गर्मी लगना, पसीना आना और हार्टबीट तेज होना जैसे सिम्पटम्स महसूस होते हैं। इन्हें हॉट फ्लैशेस कहा जाता है। ये एक कॉमन लेकिन कभी-कभी उनकंफर्टबले एक्सपीरियंस हो सकता है। प्रॉपर इनफार्मेशन और कुछ लाइफस्टाइल बदलावों से इसे बेटर तरीके से मैनेज किया जा सकता है।

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क्या आप मेनोपॉज़ के करीब हैं? जानिए मेनोपॉज़ से जुड़े हॉट फ्लैशेस का सच

1. हॉट फ्लैशेस आखिर होते क्या हैं?

हॉट फ्लैश एक सडन हीट वेव है, जो फेस, नैक और चेस्ट तक महसूस हो सकती है। इसके साथ स्वेट, रेडनेस और बेचैनी भी हो सकती है। ये कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट तक रह सकता है। कई महिलाओं को दिन में कई बार और रात में “नाइट स्वेट” के रूप में इसका एक्सपीरियंस होता है।

2. इसके पीछे का रियल रीज़न 

मेनोपॉज़ के दौरान बॉडी में एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल कम होने लगता है। ये हार्मोन बॉडी के टेम्परेचर को कण्ट्रोल करने में भी रोल निभाता है। जब इसका लेवल कम होता है, तो मंद का टेम्परेचर कण्ट्रोल सेण्टर जय्दा सेंसिटिव हो जाता है। यही इम्बैलेंस अचानक गर्मी महसूस होने का कारण बनता है।

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3. कितने टाइम तक रहते हैं हॉट फ्लैशेस?

हर महिला का एक्सपीरियंस अलग होता है। कुछ को ये सिम्पटम्स कुछ महीनों तक रहते हैं, जबकि कुछ को कई सालों तक भी हो सकते हैं। आमतौर पर पेरिमेनोपॉज़ (मेनोपॉज़ से पहले का स्टेज) में ये ज्यादा शुरू होते हैं और मेनोपॉज़ के बाद धीरे-धीरे कम हो सकते हैं।

4. क्या ये कॉमन है या चिंता की बात?

ज्यादातर केसेस में हॉट फ्लैशेस कॉमन होते हैं और मेनोपॉज़ का पार्ट माने जाते हैं। लेकिन अगर ये बहुत ज्यादा बार हो रहे हैं, नींद को एफेक्ट कर रहे हैं या डेली लाइफ में दिक्कत पैदा कर रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। कुछ केसेस में हार्मोन थेरेपी या ट्रीटमेंट मददगार हो सकते हैं।

5. कैसे करें हॉट फ्लैशेस को मैनेज?

लाइट और लूज़ कपड़े पहनें, खासकर कॉटन के। कैफीन, स्पाइसी फ़ूड और अल्कोहल से बचें, क्योंकि ये ट्रिगर बन सकते हैं। रेगुलर एक्सरसाइज, योग और डीप ब्रीथिंग टेक्नीके बॉडी को शांत रखने में मदद करती हैं। सोते टाइम रूम का टेम्परेचर कूल रखें और रिलैक्सेशन टेक्नीके अपनाएं।

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मेनोपॉज हॉट फ्लैशेस